JAC Board Exam 2026: जैक बोर्ड के द्वारा अभी एक बहुत ही महत्वपूर्ण नोटिस जारी की गई है जिसमें कक्षा आठवी, 9वीं एवं 11वीं के लिए महत्वपूर्ण सूचना जारी किया गया है इसके अलावा मैट्रिक एवं इंटर की भी विद्यार्थी जो 2026 में बोर्ड की परीक्षा देंगे उन सभी के लिए भी बहुत ही महत्वपूर्ण जानकारी दी गई है. यहां पर सारी जानकारियां परीक्षा से लेकर के हैं इसलिए विद्यार्थी इस आर्टिकल को पूरा जरुर पढ़े ताकि वह सारे जानकारी प्राप्त कर सके एवं उसी के मुताबिक अपनी परीक्षा की तैयारी करें. जैसे की परीक्षा कब होगा कैसे होगा यह सारे जानकारी यहां पर दी गई है I

झारखंड एकेडमिक काउंसिल (JAC) ने राज्य की स्कूली परीक्षा व्यवस्था में बड़ा बदलाव करने का प्रस्ताव शिक्षा विभाग को सौंप दिया है। इस प्रस्ताव के अनुसार, कक्षा 8वीं, 9वीं और 11वीं की वार्षिक परीक्षा अब एक बार में नहीं, बल्कि दो अलग-अलग टर्म में ली जाएगी। दोनों टर्म का पैटर्न भी अलग होगा और रिजल्ट दोनों के संयुक्त अंकों के आधार पर तैयार किया जाएगा।
यह बदलाव लगभग 13 लाख विद्यार्थियों को प्रभावित करेगा, इसलिए इसे लेकर राज्य में बड़ी चर्चा शुरू हो गई है। फिलहाल शिक्षा एवं साक्षरता विभाग ने इस प्रस्ताव पर अंतिम निर्णय नहीं लिया है।
क्यों किया गया यह प्रस्ताव?
शिक्षा विभाग पहले इन कक्षाओं की परीक्षा जेसीइआरटी (JCERT) के माध्यम से कराने की तैयारी कर रहा था। लेकिन जैक ने इस पर आपत्ति जताते हुए कहा कि एकसमान और पारदर्शी परीक्षा व्यवस्था के लिए नया पैटर्न जरूरी है।
जैक का मानना है कि दो टर्म में परीक्षा होने से दबाव कम होगा, और परिणाम ज्यादा संतुलित और सटीक आएंगे।
Also Read: JAC Board 2026: मैट्रिक इंटर परीक्षा फॉर्म भरने की तिथि जारी, जाने आज से होगा आवेदन शुरू !
नई परीक्षा प्रणाली कैसी होगी? (JAC Board Proposal)
टर्म 1 परीक्षा
जैक बोर्ड टर्म 1 की परीक्षा जनवरी के महीने में कराएगा और यह परीक्षा उत्तर पुस्तिका पर लिखित कराई जाएगी और इसमें कुल 40 अंक के प्रश्न पूछे जाएंगे I
टर्म 2 परीक्षा
टर्म 2 की परीक्षा कक्षा आठवी एवं 9वीं की फरवरी के अंतिम सप्ताह में कराया जाएगा वही कक्षा 11वीं के मार्च के प्रथम सप्ताह में कराया जाएगा परीक्षा को OMR सीट पर करवाई जाएगी सारे प्रश्न ऑब्जेक्टिव पूछे जाएंगे और कुल 40 अंक की परीक्षा कराई जाएगी I
Also Read: Jharkhand Mukhyamantri Maiya Samman Yojana 2025-26,एक बार फिर से आवेदन शुरू – यहां से करें आवेदन !
आंतरिक मूल्यांकन
जैक बोर्ड के द्वारा कक्षा आठवीं नौवीं एवं 11वीं के विद्यार्थियों के लिए 20 अंक का सभी विषयों में आंतरिक मूल्यांकन किया जाएगा इसमें प्रोजेक्ट, क्लास वर्क इत्यादि के आधार पर विद्यार्थियों को आंतरिक मूल्यांकन का अंक दिया जाएगा I
रिजल्ट
रिजल्ट टर्म 1 टर्म 2 एवं आंतरिक मूल्यांकन का अंक को जोड़कर के ही विद्यार्थियों का प्रणाम अप्रैल के महीने में जारी किया जाएगा !
पहले परीक्षा का स्वरूप क्या था?
पहले कक्षा 8, 9 और 11 की परीक्षा में कई समस्याएँ थीं-
- कक्षा 8 की परीक्षा पूरी तरह OMR आधारित होती थी।
- एक ही दिन में कई विषयों की परीक्षा ली जाती थी।
- कक्षा 9 में हिंदी-इंग्लिश साथ और गणित-विज्ञान साथ में होते थे, जिससे छात्रों पर दबाव बढ़ता था।
- यह पैटर्न कक्षा 1 से 7 की परीक्षा व्यवस्था से मेल नहीं खाता था।
- परिणाम समय पर घोषित नहीं होने से छात्रों की पढ़ाई प्रभावित होती थी।
- यह पैटर्न CBSE, ICSE और अन्य राज्य बोर्डों से बिल्कुल अलग था।
जैक का कहना है कि नया पैटर्न इस असमानता को दूर करेगा।
विद्यालय स्तर पर परीक्षा का प्रस्ताव क्यों रुका?
शिक्षा विभाग चाहता था कि कक्षा 1 से 11 तक की परीक्षा विद्यालय स्तर पर ली जाए और प्रश्नपत्र JCERT दे। लेकिन जैक ने इस पर ऐतराज जताते हुए कहा कि राज्य में इन कक्षाओं के लिए एक समान परीक्षा व्यवस्था होनी चाहिए।
इसी आपत्ति के कारण विभाग ने अभी इस प्रस्ताव को रोक दिया और जैक से नया सुझाव मांगा, जिसे अब प्रस्तुत किया गया है।
मैट्रिक और इंटर (कक्षा 10 और 12) में कोई बदलाव नहीं
स्पष्ट कर दिया गया है कि मैट्रिक (10th) और इंटर (12th) बोर्ड परीक्षा के पैटर्न में कोई बदलाव नहीं किया गया है।
परिवर्तन सिर्फ कक्षा 8, 9 और 11 की वार्षिक परीक्षा से जुड़े हैं।
मैट्रिक एवं इंटर की बोर्ड की परीक्षा फरवरी की प्रथम सप्ताह में शुरू हो जाएगी इसके लिए परीक्षा फार्म का आवेदन शुरू हो गया है विद्यार्थी समय पर आवेदन अवश्य कर ले विद्यार्थियों को परीक्षा कार्यक्रम बहुत ही जल्द जारी किया जाएगा !

अगला कदम क्या होगा?
शिक्षा विभाग जैक के इस प्रस्ताव की समीक्षा करेगा।
मंजूरी मिलने के बाद-
- नया परीक्षा पैटर्न
- प्रश्नपत्र प्रारूप
- वार्षिक कैलेंडर जारी कर दिया जाएगा। फिलहाल स्कूलों को मौजूदा व्यवस्था के अनुसार ही पढ़ाई जारी रखने की सलाह दी गई है।
निष्कर्ष
अगर यह प्रस्ताव लागू होता है, तो झारखंड की स्कूली परीक्षा प्रणाली में बड़ा बदलाव देखने को मिलेगा। दो टर्म में परीक्षा होने से छात्रों पर दबाव कम होगा और मूल्यांकन अधिक पारदर्शी और व्यवस्थित होगा। अब राज्य को शिक्षा विभाग के अंतिम निर्णय का इंतजार है।