Lata Mangeshkar ji Ki Antim Vidai 1929-22

लता मंगेशकर(Lata Mangeshkar) जी जो कि संगीत की रानी थी जिन्होंने अपने संगीत के जरिए बहुत दिलों पर राज किया है उनका देहांत हो गया और उनकी भव्य अंतिम यात्रा भी निकली. हमारे देश के प्रधानमंत्री ने भी मंगेशकर जी को अंतिम विदाई

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Lata Mangeshkar(Queen of Music) News

मुंबई:स्वर कोकिला भारत रत्न लता मंगेशकर रविवार की शाम अपनी अंतिम यात्रा पर रवाना हो गईं। भाई हृदयनाथ और भतीजे आदित्य ने मुंबई के शिवाजी पार्क में शाम 7 बजकर 16 मिनट पर उन्हें मुखाग्नि दी। इस दौरान उनकी बहनें उषा, आशा, मीना मौजूद थीं।

हमारे देश के प्रधानमंत्री ने भी लता मंगेशकर जी को अंतिम विदाई.

माननीय राज्यपाल श्री रमेश बैस ने स्वर कोकिला भारत रत्न लता मंगेशकर(Lata Mangeshkar) के निधन पर गहरा दुःख व शोक प्रकट किया है। उन्होंने कहा कि लता जी ने अपने गायन से पूरे विश्व में अमिट पहचान स्थापित की। भारतीय संगीत में उनके अतुलनीय योगदान को सदा स्मरण किया जायेगा। प्रखर देशभक्त व प्रेरणादायी व्यक्तित्व लता जी का जाना पूरे देशवासियों एवं कला जगत के लिए अपूरणीय क्षति है। राज्यपाल महोदय ने कहा कि पूरी दुनिया के संगीतप्रेमी आज उदास हैं। उनकी सुरीली आवाज हमेशा हमारे बीच गूंजती रहेगी। उन्होंने इस महान पुण्यात्मा के प्रति भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए कहा कि ईश्वर शोकाकुल परिजनों एवं उनके असंख्य प्रशंसकों को इस दुःख को सहने की शक्ति प्रदान करें।

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कई संस्थाओं ने लता मंगेशकर के निधन पर शोक जताया

एक स्वर्णिम ऐतिहासिक स्वर युग का अंत हो गया

भारत रत्न सुर साम्राज्ञी स्वर कोकिला लता मंगेशकर की अकास्मिक निधन पर रांची जिला मारवाड़ी सम्मेलन, मारवाड़ी सहायक समिति, अग्रवाल सभा, कवि सम्मेलन आयोजन समिति एवं अग्रसत्ता के पदाधिकारी एवं सदस्यों ने गहरा शोक संवेदना व्यक्त करते हुए दिवंगत आत्मा की शांति के लिए ईश्वर से प्रार्थना की तथा कहा कि लता दीदी संगीत साधकों के लिए सदैव प्रेरणादायक थी। परमपिता परमेश्वर दिवंगत पुण्यात्मा को शांति व अपने श्री चरणों में स्थान दे परिजनों को या दारूण दुःख सहने की शक्ति प्रदान करें। जिला मारवाड़ी सम्मेलन व मारवाड़ी सहायक समिति के प्रवक्ता सह अग्रसत्ता के प्रदेश संपादक संजय सर्राफ ने शोक व्यक्त करते हुए कहा स्वर कोकिला लता जी का निधन दुखद व संपूर्ण कला जगत के लिए अपूरणीय क्षति है‌ मां शारदे जिनके कंठ में वास करती थी वह स्वर कोकिला मां शारदे के विदाई के साथ विदा हो गई उनकी पवित्र आत्मा को मां शारदे अपने में स्थान दे, उनकी निधन से एक स्वर्णिम ऐतिहासिक स्वर युग का अंत हो गया है।

मुख्यमंत्री श्री हेमन्त सोरेन ने स्वर कोकिला लता मंगेशकर जी के निधन पर गहरी संवेदना जताई,  कहा -देश के लिए अपूरणीय क्षति.मुख्यमंत्री ने कहा- लता जी भले ही हमारे बीच नहीं है, लेकिन उनकी आवाज हमेशा हमारे दिलों पर राज करेगी .मुख्यमंत्री श्री हेमन्त सोरेन ने भारतरत्न स्वर कोकिला लता मंगेशकर जी के निधन पर गहरा शोक व्यक्त किया है ।  मुख्यमंत्री ने कहा कि लता जी के निधन से मर्माहत हूं।  यह देश और देशवासियों के लिए अपूरणीय क्षति है। आज हर किसी की आंखें नम है। मुख्यमंत्री ने कहा कि उन्होंने  विभिन्न भाषाओं में लगभग तीस हज़ार गानों को अपनी सुरीली आवाज दी थी । उनकी आवाज ही उनकी पहचान थी ।  आज उनके हमारे बीच नहीं होने से सुरों का एक कारवां थम सा गया है। लेकिन, वे अपनी आवाज से हमेशा हमारे दिलों में राज करेंगी। लता जी भले ही इस दुनिया में अब नहीं है, लेकिन उनके गाने हमेशा उनकी याद दिलाती रहेगी। परमात्मा दिवंगत पुण्यात्मा को अपने चरणों में स्थान दे एवं उनके असंख्य प्रशंसकों को दुख सहन करने की शक्ति प्रदान करें। अलविदा लता दीदी। 

भगवान से प्रार्थना करते हैं कि लता मंगेशकर जी की आत्मा को शांति दे वही परिवार को इस दुख से लड़ने की क्षमता दे। #OmSanti

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